उत्तराखण्ड में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर न्यायालय का चाबुक स्वास्थ्य मंत्री को घर बैठाने के लिए काफी – जन संघर्ष मोर्चा
विकासनगर : जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, लूट-खसोट, आपात स्थिति में इलाज न मिलने, रेफरल सिस्टम, गर्भवती माताओं की इलाज न मिलने से हो रही मौत, खराब मशीनें, स्टाफ की कमी, दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती न होने आदि तमाम मामलों को लेकर जिस तरह से हाल ही में मा.उच्च न्यायालय ने चाबुक चलाया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो चुकी हैं, इसलिए नैतिकता के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रदेश भर में स्वास्थ सेवाएं हुई ध्वस्त – नेगी ने कहा कि विगत कुछ माह से, जिस प्रकार स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हुई हैं तथा विभागीय मंत्री का अस्पतालों पर कोई नियंत्रण न होना, सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट-खसोट,आयुषमान के मरीजों से बीमारी के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलने, फर्जी बिल, आपात स्थिति में बाह्य मरीजों को आईसीयू/ वेंटीलेटर की सुविधा न मिलने आदि तमाम अव्यवस्थाओं ने स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
जनता कराह रही स्वास्थ मंत्री अपनी मौज मस्ती में व्यस्त – नेगी ने कहा कि कुछ माह से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज न मिलने के कारण मौतों में भी काफी इजाफा हुआ है। अपनी मौज मस्ती के चलते एवं ढीली पकड़ के कारण विभागीय मंत्री अधिकारियों पर भी नियंत्रण खो चुके हैं।
मा. न्यायालय लगातार अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं को लेकर तलब पर तलब किये जा रहा है। यही हाल सभी विभागों का है, जो धन सिंह रावत के पास हैं। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि ऐसे विफल व गैर जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाएं।
पत्रकार वार्ता में- प्रवीण शर्मा पिन्नी व पछवादून अध्यक्ष अमित जैन मौजूद रहे।

