आर्यों, संतों, पुण्य महात्माओं की भूमि में बर्दास्त नहीं होंगी मांस की दुकानें : स्वामी यतीश्वरानंद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम से पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को सौंपा ज्ञापन ,

हरिद्वार : ग्राम कांगड़ी में मांस बेचने वालों की दुकानों को पूर्णतया बंद करने की मांग ग्राम प्रधान के साथ वहां पर निवासरत संतों एवं ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की है। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को मुख्यमंत्री के नाम से सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ऐतिहासिक गांव, गंगा के किनारे और हरिद्वार का प्रवेश द्वार होने के नाते पशुओं के वध करने एवं मांस की दुकानों को तत्काल बंद करने की मांग उठाई।
मंगलवार को ग्राम आर्यनगर स्थित आश्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को ग्राम कांगड़ी के निवासियों ने ग्राम प्रधान शीतल के नेतृत्व में ग्राम कांगड़ी व आसपास के क्षेत्र में मांस की दुकानों को प्रतिबंधित कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने आश्वस्त किया कि ग्रामवासियों की भावना को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर मांस की दुकानों को बंद कराने के लिए मांग उठाई जाएगी। प्रेमगिरि धाम के महामंडलेश्वर संजय गिरि, ग्राम प्रधान शीतल ने बताया कि ग्राम कांगड़ी महान स्वतंत्रता आंदोलनकारी स्वामी श्रद्धानंद द्वारा बसाया गया ग्राम है जोकि मां गंगा के तट पर स्थित आर्यों संतों महात्माओं की पुण्य भूमि कहलाई जाती है। जिस भूमि पर अनेक धार्मिक स्थान हैं मां गंगा की मुख्य धारा जिस भूमि से होकर निकलती है, जहां अनेक संत महात्माओं ने तप किए हो और जहां सिद्ध स्रोत जैसा पावन स्थान भी है जिसका वर्णन भागवत महापुराण तक में किया गया है। उस भूमि को आज बेजुबानों के खून से खुलेआम दूषित किया जा रहा है। जहां बीच बाजार में मुर्गा, बकरा, मछली, सूअर के मांस की दुकानें मुख्य मार्ग पर खुली हुई हैं। इनसे ग्राम निवासियों के साथ आने वाले श्रदृधालुओं एवं यात्रियों पर बुरा असर पड़ता है। जहां यात्री धार्मिकता के लिए आते हैं, तो मांस की दुकानें उनके मन को दूषित करती है। ऐसे में ग्राम कांगड़ी में चल रही मांस की सभी दुकानों को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से बंद कराया जाए।
इस मौके पर महंत पंकज गिरि, महंत दिनेश गिरि, महंत सोमपाल गिरि, पंकज बाबा, गर्व गिरि, महंत प्रेम गिरि, महंत सरजूदास, ब्रजमोहन, धर्मवीर, दीपक प्रधान, राजेश पाल, सोहन दीप राणा, दिवाकर चौहान, आनंद फौजी, संदीप कुमार, मुलायम पाल, लक्की पाल, सनी उपाध्याय, अजय कश्यप, आकाश, राकेश, विनोद कुंडू आदि शामिल हुए।

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