सिंचाई खंड हरिद्वार को चुनौती देते हुए, सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण, सम्बन्धित अधिकारी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम।

हरिद्वार :  हरिद्वार – दिल्ली हाईवे से इब्राहिमपुर माइनर राजवाहा ग्राम इब्राहिमपुर से होता हुआ, आगे खेतों में जा रहा है राजवाहे का पानी  खेती के सिंचाई के लिए के लिए काम आता है। इसी राजवाहे के किनारे बंसल स्टोन क्रेशर के सामने दिवान इंक्लेव नाम की एक कालोनी काटी जा रही है।

दिवान इंक्लेव कालोनी आनर्स के द्वारा  राजवाहे की (सिंचाई विभाग) भूमि को अपनी कालोनी के प्रयोग में लाने के लिए अतिक्रमण किया गया है और अभी और भी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है जिसके सम्बन्ध में सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता श्री ओमजी गुप्ता से फोन पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मेरे संज्ञान में इस तरह का कोई मामला नहीं है और न ही कार्यालय के द्वारा सीसी निर्माण के लिए कोई अनुमति / परमीशन दी गयी है।

उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई विभाग की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर हमारे क्षेत्रीय अधिकारी इस तरह की कोई जानकारी नहीं देते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया कि सिंचाई विभाग की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता को कई बार अवगत कराया जा चुका है। फिर भी वह कह रहें हैं कि मुझे सिंचाई विभाग की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

आपको बता दें कि उक्त सिंचाई विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण के सम्बंध में अधिशासी अभियन्ता सिंचाई खंड कार्यालय हरिद्वार में 13 दिसम्बर 2025 में लगाई गई आरटीआई (RTI) से जानकारी ली गई तो कार्यालय के द्वारा दी गई  आरटीआई  सूचना पत्रावली में लिखा कि कार्यालय के द्वारा सिंचाई विभाग की भूमि / राजवाहे की भूमि पर किसी भी तरह के निर्माण / अतिक्रमण की अनुमति / परमीशन नहीं दी गई।

 

गौरतलब है कि जब पिछले कई माह से सम्बन्धित अधिकारियों को सिंचाई विभाग की भूमि / राजवाहे की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की सूचना मिल रही थी तो फिर अभी तक सिंचाई खंड हरिद्वार कार्यालय के द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर सिंचाई खंड कार्यालय हरिद्वार पर कई सवाल खड़े कर हो रहे हैं।

आखिर अब देखना है कि खबर प्रकाशित होने के उपरांत सिंचाई विभाग अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कितनी जल्दी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अम्ल लायेगा।

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