भगवानपुर खाद्यान्न गोदाम में RFC गढ़वाल संभाग का औचक निरीक्षण, निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता में फेल पाया गया चावल, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए RFC ने बनाई जांच कमेटी, 

हरिद्वार : मिडिया में प्रकाशित ख़बर पर अविलंब संज्ञान लेते हुए RFC गढ़वाल संभाग देहरादून अरविन्द कुमार पाण्डेय के द्वारा भगवानपुर स्थित राजकीय खाद्यान्न गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में रखे गए खाद्यान्न की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया। मौके रखे चावल गुणवत्ता फेल पाए गए।

RFC अरविन्द कुमार पाण्डेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति का गठन भी किया गया है, जिसमें डिप्टी आर एम ओ देहरादून श्रीमती अनु जैकरे , वरिष्ठ विपणन अधिकारी देहरादून श्री हरेन्द्र सिंह रावत व विपणन निरीक्षक रुड़की श्रीमती इशरत अज़ीम को सदस्य नामित किया गया है

जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह 20 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

RFC साहब के द्वारा गठित की गई जांच कमेटी को जांच के लिए दिए गए 20 दिनों से पहले ही गोदाम से उठाया जा सकता है गुणवत्ता में फेल गंदा चावल –

अब सवाल यह उठता है कि RFC साहब के द्वारा गठित की गई जांच कमेटी 20 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तब तक गोदाम के अंदर रखा गुणवत्ता में फेल गंदा चावल वहाँ से उठा लिया जाएगा और जांच कमेटी के द्वारा अपनी रिपोर्ट में यह लिखकर दे दिया जाएगा कि मौके पर गोदाम में गंदा चावल नही पाया गया। और विभागीय अधिकारियों के द्वारा भगवानपुर  गोदाम में बिना किसी मिल टैग व बैच नम्बर व गुणवत्ता  विवरण छपी बोरियों में रखा गया 8000 कुंतल/16000 बोरी गुणवत्ता में फेल गंदा चावल रखने में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई की जायेगी।

आपको बतातें चले कि राजकीय उचितदर की दुकानों पर राशन उपभोक्ताओं को मिल रहा चावल अब जनता के स्वास्थ्य पर सीधा घतरा बन गया है राशन उपभोक्ताओं ने खाध आपूर्ति विभाग को भेजी गयी शिकायत में लिखा है कि जो चावल राजकीय उचितदर की दुकानों पर बांटा जा रहा है वह चावल बिल्कुल भी खाने लायक नहीं है।

बिना मिल टैग वाली चावलों की बोरियों से बढती है घटिया खाद्यान्न की आंशका – कि जो गोदाम में रखे 8000 कुंतल /16000 चावलों की बोरिया पर किसी मिल का टैग व बैच नम्बर या गुणवत्ता सम्बंधी विवरण तक दर्ज नहीं मिला, जो सीधे तौर पर खाधय आपूर्ति विभाग पर सवाल खड़े करता है। कि बिना टैग की बोरी नियमों का उल्लंघन माना जाता है इससे यह आंशका बढती है कि राजकीय खाद्यान्न गोदाम से कहीं का भी घटिया खाद्यान्न उठाकर राशन उपभोक्ताओं को वितरण किया जा रहा है।

गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो उच्च अधिकारियों को करेंगे शिकायत – वहीं शहरी और ग्रामीण राशन उपभोक्ताओं ने खाधय पूर्त निरीक्षक से अविलंब मौके पर जांच पड़ताल कर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर चावलों की गुणवत्ता और स्थिति में कोई सुधार नहीं आया तो उच्च अधिकारियों को भी शिकायत की जायेगी।

RFC साहब से फोन वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि जांच कमेटी बना दी गई है, जांच पड़ताल पूरी होने तक गोदाम से एक भी चावल की बोरी बाहर नही जायेगी ,वहीं वरिष्ठ विपणन अधिकारी कमल दुआ के द्वारा उच्च अधिकारियों के आदेश को दरकिनार करते हुए अपनी मौजूदगी में ही आज 6 दिसम्बर 2025 को शाम तक लगभग 800 कुंतल चावल गोदाम से उठवा दिया गया। 

अब गंभीर सवाल यह उठता है कि RFC साहब के द्वारा गठित की गई जांच कमेटी को 20 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। तब तक गोदाम के अंदर रखा गुणवत्ता में फेल गंदा चावल वरिष्ठ विपणन अधिकारी कमल दुआ के द्वारा वहाँ से उठवाकर कहीं बाहर रखवा दिया जायेगा और जांच कमेटी के द्वारा 20 दिनों के उपरांत अपनी रिपोर्ट में यह लिखकर दे दिया जाएगा कि मौके पर गोदाम में गंदा चावल नही पाया गया।

आखिर अब देखना है कि भगवानपुर गोदाम में इतनी भारी मात्रा में पाया गया गुणवत्ता में फेल चावल / गंदा चावल रखवाने में शामिल रहे अधिकारीयों व मिलरो के खिलाफ कितनी जल्दी कोई ठोस कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

 

 

 

 

 

 

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