मिडिया में चली खबरों का दिखाई दिया रहा असर, NGT नियमों की अनदेखी कर सिचाई विभाग की (सरकारी) भूमि पर अवैध रूप से बनाए तीन मंजिलें होटल के खिलाफ विभागीय अधिकारी हुए सख्त, बहुत जल्द हो सकती है ध्वस्तीकरण की कार्रवाई। 

इसके बावजूद होटल तीन मंजिल तक खड़ा हो गया और विभाग के द्वारा दो नोटिस जारी करने के बाद भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थानीय लोग विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे।

NGT दिशानिर्देशों का किया गया खुला उल्लंघन, 

मीडिया में मुद्दा उठने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आया।
विभाग की टीम ने इंदिरा बस्ती पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि होटल पूरी तरह से सिंचाई विभाग की भूमि पर बना है।

विभाग द्वारा भेजे दोनों नोटिसों पर होटल स्वामी ने अब तक एक भी वैध दस्तावेज नहीं दिए। निर्माण पूरी तरह अवैध और नियम विरुद्ध है।होटल को 15 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई शुरू होगी।

स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में लोग सरकारी संपत्ति पर इसी तरह कब्जा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

होटल का तत्काल ध्वस्तीकरण अवैध
कब्जे की भूमि को मुक्त कराकर लापरवाही बरतने वाले विभागीय कर्मियों पर भी हो कार्रवाई।

अगले 15 दिन निर्णायक, कानून जीतेगा या दबंगई, 

आखिर अब सबकी नजरें जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं। अगले 15 दिन यह तय करेंगे कि अवैध कब्जाधारी पर कानून चलेगा,या दबंगई और संरक्षण के चलते कार्रवाई टलती जाएगी।

बता दे कि फिलहाल विभागीय जांच और मीडिया के दबाव के बाद एक बात साफ है, कि अवैध होटल “शुकून” का भविष्य अब अधर में लटका है और ध्वस्तीकरण कभी भी शुरू हो सकता है।

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