गड्ढों में तब्दील सड़कें क्या ऐसी ही व्यवस्थाओं में होगा कलियर साबिर पाक का उर्स,
हरिद्वार/पिरान कलियर विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स 24 अगस्त से शुरू हो रहा है। लाखों जायरीन यहाँ हाज़िरी देने पहुंचेंगे, लेकिन सड़कों की दुर्दशा ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
जर्जर सड़कों से सफर बना दुश्वार,
आपको बताते चलें कि रहमतपुर मार्ग से पिरान कलियर जाने वाला मुख्य मार्ग जगह-जगह गड्ढों से भर चुका है। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। यही नहीं, पिरान कलियर से रुड़की और पिरान कलियर से मेहवड़ कला जाने वाली सड़कें भी वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही हैं। रोज़ाना हजारों लोग इन सड़कों से गुजरते हैं और आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं।
वादे हर साल धरातल पर नहीं कोई काम,
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हर साल उर्स से पहले मरम्मत और साफ-सफाई का वादा करता है, लेकिन हक़ीक़त में न तो सड़कें ठीक होती हैं और न ही नालियों की साफ सफाई , टूटी नालियों से निकलने वाला गंदा पानी जगह-जगह कीचड़ में तब्दील हो चुका है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल,
गौरतलब है कि पिरान कलियर शरीफ के उर्स में देश-विदेश से जायरीन आते हैं, लेकिन करोड़ों का राजस्व देने वाले इस धार्मिक मेले से पहले भी सरकार और जनप्रतिनिधि केवल खानापूर्ति करते नज़र आते हैं। इस बार भी हालात जस के तस नज़र आ रहे हैं।
जनता का आक्रोश,
वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर 24 अगस्त से पहले सड़क मरम्मत और साफ-सफाई का काम शुरू नहीं किया गया तो यह सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही मानी जाएगी। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या जायरीनों की जान जोखिम में डालकर उर्स करवाना ही प्रशासन की तैयारी है।
क्षतिग्रस्त सड़कें बन सकती हादसों की वजह,
हर साल लाखों जायरीन के पहुंचने के बावजूद पिरान कलियर की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सड़कें और बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त न की गईं तो यह न सिर्फ़ जायरीनों बल्कि स्थानीय जनता के लिए भी परेशानी और हादसों की वजह बन सकता है।