जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा प्रबन्धन कार्यालय सभागार में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए,

हरिद्वार : ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना विकास तथा आजीविका संसाधनों में वृद्धि हेतु प्रभावी कार्य करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा प्रबन्धन कार्यालय सभागार में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।

जिलाधिकारी ने मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में गरीब एवं निःसहाय व्यक्तियों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजनाएं बनाई जाये। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रमीण क्षेत्रों में रोजगार हेतु मैनडेज़ बढ़ाये जायें तथा अधिक से अधिक कार्यों की मनरेगा से डबटेलिंग की जाये। जन भावनाओं, अपेक्षाओं तथा जन आवश्यकताओं के अनुरूप ही मनरेगा के अन्तर्गत कार्य प्रस्तावित किये जायें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य धरातल पर दीखें, कार्यों की जनता द्वारा सराहना मिले इसलिए कार्य पूरी पारदर्शिता व गुणवत्ता से पूरे किये जायें।

उन्होंने लखपति दीदी योजना की समीक्षा के दौरान सभी खण्ड विकास अधिकारियों को साप्ताहिक रूप से लखपति दीदी से मिलकर संचालित गतिविधियों की जानकारी लेने, सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने तथा गाईडेन्स देने के निर्देश दिये। उन्होंने रीप के अन्तर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि जनपद में बड़े स्तर पर प्रभावशाली ग्रुप बनाये जाये जोकि आगे चलकर कम्पनी के रूप में कार्य कर सकें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कलस्टर आधारित कार्यों को बढ़ावा दिया जाये तथा पोल्ट्री फार्म्स को प्रोत्साहित करते हुए प्रयास किया जाये कि राज्य की चिकन की अधिकांश मांग जनपद से ही पूरी हो। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिये कि एक भी अपात्र व्यक्ति पात्रता सूची में शामिल न हो सके। सर्वेक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता व शुद्धता से पूरा किया जाये। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे की पहल पर पहली बार कांवड़ मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये स्टॉल्स की प्रशंसा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आगामी कांवड़ यात्रा में स्वंय सहायता समूहों के अधिक से अधिक स्टॉल लगवाये जाये।
मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने बताया कि जनपद में फूल की डिमाण्ड को देखते हुए अभिनव पहल करते हुए गेन्दे के फूल की खेती हेतु कॉलकाता से नर्सरी मंगाई गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने के कारण जनपद में गेन्दे की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, एपीडी नलिनीत घिल्डियाल सहित सभी खण्ड विकास अधिकारी व सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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