नेशनल दर्पण : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान में आज सोमवार दिनांक 12 फरवरी को आयोजित नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इसके अलावा देवपुरा चौक से चंद्राचार्य चौक तक रोड शो निकालने के साथ ही 1108 करोड़ की 158 परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम में नारी शक्ति की भारी भीड़ को देखते हुए हाईवे पर भारी वाहनों का प्रवेश रोका गया है। देवपुरा से चंद्राचार्य चौक तक जीरो जोन घोषित किया गया।

नारी शक्ति महोत्सव में सीएम ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कहा गया है….नारी तू नारायणी….परंतु कालांतर में आक्रांताओं के प्रभाव के कारण समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल गया, इसका परिणाम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों के रूप में सामने आया। कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा किया जाए।

आपको बताते चलें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1168 करोड़ रुपये लागत की 158 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में राज्य सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र की सम्पूर्ण सीवरेज व्यवस्था के सुदृढीकरण के लिए जर्मन बैंक की मदद से 523 करोड़ की स्वीकृत परियोजना का, ग्रामीण एंव नगरीय क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, पर्यटक स्थलों के विकास, पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य कार्यों का शिलान्यास किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम निरंतर इस प्रयास में लगे हैं, कि महिलाओं के जीवन स्तर को जितना अधिक हो सके उतना ऊपर उठाया जा सके। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत हमारी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना’, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

सीएम ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है, वे हमारी मातृशक्ति के आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। कहा कि आप सभी के आशीर्वाद के कारण ही मैं प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में आपके चेहरों की मुस्कान को बनाये रखने के लिए भी प्रयासरत हूं।

कहा कि हम उस संस्कृति के साधक हैं, जहां पुरुष की परिकल्पना नारी के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती, हमारे यहां जहां एक ओर अर्धनारीश्वर की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर मां जगदंगा को इस श्रृष्टि का मूल माना जाता है। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि किसी समाज या किसी राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं, यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता।

इन योजनाओं से हरिपुरकलां, भूपतवाला, भीमगोड़ा, हरकी पैड़ी, मायापुर, कनखल, ऋषिकुल, ज्वालापुर, आवास विकास कॉलोनी, गोविन्दपुरी, जगजीतपुर सहित अन्य क्षेत्रों को सीवरेज सहित पेयजल, पार्किंग आदि की समस्या से निजात मिल सकेगी।

प्रदर्शित कर रही योगदान

सीएम ने कहा कि इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों के लगाए गए सुसज्जित स्टॉल महिलाओं द्वारा प्रदेश के विकास में किए जा रहे योगदान को प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि इस अमृतकाल में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उन्नत रूप से विकसित करते हुए हमारे भविष्य के नौनिहालों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाने हेतु सभी सुविधाओं से सम्पन्न किया जाय।

सीएम ने कहा कि उन्नति के पथ पर अग्रसर होते हुए ड्रीम प्रोजेक्ट तारा की शुरुआत करना हरिद्वार प्रशासन की आधुनिक पहल है। इस उत्कृष्ट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 150 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक व तकनीकी रूप से समृद्ध बनाते हुए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में स्मार्ट टीवी, बच्चों के लिए फर्नीचर, खिलौने और आंगनबाडी कार्यकत्री को नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रणाली की बारीकी से ट्रेनिंग दी जा रही है।

कहा कि मुझे खुशी है कि इस उन्नत प्रोजेक्ट के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3000 बच्चों एवं 300 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीधे लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने हरिद्वार प्रशासन की इस सराहानीय पहल की प्रशंसा की। कहा कि हरिद्वार प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है जिसने प्रधानमंत्री के’अमृतकाल की आंगनबाड़ी’ के सपने को मूर्तरूप देने का प्रशंसनीय कार्य किया है।

सोमवार को सहकारिता के अंतर्गत हमारी सरकार ने हरिद्वार में ‘मीठी गंगा’ नामक एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत भी की है, जिसमें अधिकतर हमारे घरों की महिलाओं द्वारा शहद उत्पादन एवं बिक्री का कार्य किया जाएगा। महिलाओं को होम-मेकर के साथ- साथ नेशन-मेकर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि तभी हम सही अर्थों में राष्ट्र का विकास कर पाएंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरोत्थान के लिये निरंतर कार्य कर रहे हैं।

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